यूपी के देवरिया जिले में संचालित "विंध्यवासिनी NGO" द्वारा यौन शोषण का खुलासा होने के बाद मुख्यमंत्री द्वारा सभी जिलों में संचालित महिला एवं बाल संरक्षण गृह के जांच के आदेश के बाद हरदोई जिले के बेनीगंज इलाके में पीड़ित, प्रताड़ित एवं निराश्रित महिलाओं के लिए "आयशा ग्रामोद्योग समिति, लोहानी, पिहानी" द्वारा संचालित स्वाधार गृह का औचक निरीक्षण जिलाधिकारी पुलकित खरे ने किया।
निरीक्षण में जिलाधिकारी को अधीक्षिका द्वारा बताया गया कि स्वाधार गृह में 21 महिलायें है, जबकि मौके पर दो ही महिलायें पायी गयीं। पूछताछ पर बताया कि 15 महिलाएं दवा लेने गई हैं और चार मंदिर गईं, लेकिन लिखापढ़ी कोई नहीं थी l
कड़ी पूछताछ पर सच सामने आया कि अधीक्षिका गलत बोल रहीं थी। जो महिलाएं मिलीं उन्होंने खुद पोल खोली कि केवल दो महिलाएं ही रुकती हैं, बाकी कागजों पर ही पंजीकृत हैं। डीएम ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संस्था पर कार्रवाई के साथ अनुदान रोकने का आदेश दिया है। साथ ही निरीक्षण में जिलाधिकारी को यहां पर्याप्त कमरे, बर्तन और बाकी सामानों की व्यवस्था भी नहीं मिली।
एक किराए के मकान में चलने वाला आयशा ग्रामोद्योग में रजिस्टर में तो 21 महिलाएं दर्ज है और इन पीड़ित महिलाओं को खाना - नाश्ता के साथ ही सिलाई, कढ़ाई, ब्यूटीशियन आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रति माह कुछ रुपये भी दिए जाते हैं। दिन में आती है और शाम को वो चली जाती है जबकि रजिस्टर में 21 दर्ज करके उनके नाम पर अनुदान लिया जा रहा है l


सरकार को लूटती संस्थाए
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