Wednesday, August 8, 2018

मुजफ्फरपुर शेल्टर होम के विवाद गर्म होने पर मंत्री मंजू वर्मा ने दिया इस्तीफा और मेनका गांधी ने निर्देश दिया कि देश भर के सभी आश्रय गृह का सोशल ऑडिट कराया जाए


आज बिहार सरकार की समाज कल्याण मंत्री श्री मती मंजू वर्मा ने विपक्ष के दबाव के चलते आखिरकार इस्तीफा दे ही दिया l मामले की जांच CBI कर रही है और ऐसे कयास लगाए जा रहे हैं कि इसकी आंच मंत्री के पति श्री चंद्रेश्वर वर्मा तक पहुंच सकती है l बृजेश ठाकुर के सीडीआर से खुलासा हुआ है कि जनवरी से अब तक समाज कल्याण मंत्री से 17 बार बात हुई है l इसके लिए वो पहले ही सफाई दे चुकी है कि काम के सिलसिले में उनसे कई बार बात हो चुकी है और साथ ही विपक्ष के बार - बार इस्तीफे की मांग को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि किसी से भी अकारण इस्तीफा कैसे ले सकते हैं और अगर कोई संलिप्तता आती है तो इस्तीफा लेने में देर भी नहीं करेंगे l

इस्तीफा देने के बाद मंत्री मंजू वर्मा ने कहा कि विपक्ष और मीडिया ने भ्रम पैदा कर दिया था l मुझे CBI और न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास है, सच्चाई सामने आएगी और मेरे पति पर लगे सारे आरोप हट जाएंगे l साथ ही उन्होने आरोपी बृजेश ठाकुर के सीडीआर को सार्वजनिक करने की मांग की l



वही आरोपी बृजेश ठाकुर के आज बुधवार को कोर्ट में पेशी के वक्त सुरक्षा के बीच भी प्रदर्शनकारियों ने स्याही फेक कर अपना गुस्सा निकाला l उन पर कालिख पोतने की नाकाम कोशिश भी की गई l विपक्ष लगातार बृजेश ठाकुर पर राज्य सरकार का संरक्षण होने का आरोप लगाता रहा है l इस केस को लेकर सियासत पूरी तरह से गरम हो चुकी है और आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला जारी हो चुका है l



दरअसल काफी समय से प्रदेश सरकार द्वारा चलायी जा रही बालिका गृह की शिकायतें सामने आ रही थी तो उसका ऑडिट मुंबई की प्रतिष्ठित संस्था "टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साईंसेज (TISS)" के द्वारा सोशल ऑडिट सितंबर 2017 में कराया गया और उस समय अनियमितताएं सामने आई थी मगर कोई एक्शन नहीं लिया गया था l

टीआईएसएस ने 7 महीनों तक 38 जिलों के 110 संस्थानों का सर्वेक्षण किया. इस सर्वेक्षण में एक और चौंकाने वाला तथ्य यह है कि शोषण की शिकार हुई सभी बच्चियां 18 साल से कम उम्र की हैं. इनमें भी ज्यादातर की उम्र 13 से 14 साल के बीच है. इस रिपोर्ट से साफ पता चलता है कि मुजफ्फरपुर बालिका गृह में हुए यौन उत्पीड़न में  बाल कल्याण समिति के सदस्य और संगठन के प्रमुख भी बच्चियों के शोषण में शामिल थे.

TISS की रिपोर्ट में साफ साफ यौन शोषण, उन्हें खाना न देने, नशे की दवा/इंजेक्शन देने, मार पीट (शरीर पर जले, कटे के निशान) और उनके शिक्षा के व्यवस्था न होने की बात कहीं गयी l इसी रिपोर्ट के आधार पर सेवा संकल्प समिति बाल गृह के कर्ता धर्ता बृजेश ठाकुर और पदाधिकारियों पर FIR की गयी थी l 24 जुलाई को रेड पड़ने पर 44 लड़कियां इस शेल्टर होम से छुड़ायी गयी थी और 42 की मेडिकल हुई जिनमें से 29 लड़कियों के साथ यौन शोषण की पुष्टि हुई थी और बाकी रिपोर्ट आने पर ये संख्या बढ़कर 34 हो गई l 34 लड़कियों के साथ रेप के मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर के साथ 10 लोगों को गिरफ्तार किया और जांच CBI के हाथ में आ गई l CBI ने बिहार पुलिस और प्रशासन और TISS से सुबूत लिए और आगे की कार्रवाई चल रही है l


वही आरोपी की पत्नी के अपने facebook पोस्ट में सभी रेप पीड़ित बच्चियों के नाम उजागर करने पर माननीय सुप्रीम कोर्ट ने  स्वतः सख्त संज्ञान लिया और बिहार सरकार को इन्हें गिरफ्तार करने का आदेश दिया l Justice मदन बी की अध्यक्षता वाली पीठ ने सुनवाई के दौरान facebook पर विक्टिम के नाम उजागर करने को गंभीर बताते हुए तुरंत पोस्ट हटाने को कहा और साथ ही देश भर में रेप के किसी भी मामले में नाबालिग पीड़ित के इंटरव्यू और उसे किसी भी तरह से दिखाने पर रोक लगा दी है l

कोर्ट ने इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को आदेश दिया था कि वो बच्चियों का न तो इंटरव्यू लें और न ही तस्वीर दिखाएं, अस्पष्ट तरीके से भी तस्वीर दिखाने पर रोक लगा दी l



कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) और राज्य कमीशन रेप पीड़ित से बात कर सकते है, बशर्ते उनके साथ मनोवैज्ञानिक हो l

हर तरफ किरकिरी के बाद केंद्र सरकार भी हरकत में आई है और देश भर में मौजूद 9,000 संस्थानों को जहां ऐसे बच्चे, बच्चियां हैं सोशल ऑडिट के आदेश दिए l ऑडिट की रिपोर्ट 60 दिनों के अंदर देनी हैं l महिला एवं बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने कहा कि मैंने खुद ऑडिट के लिए प्रोफार्मा तैयार कर लिया है जहां न केवल बच्चों की संख्या, सुविधा और अन्य चीजें देखी जाएंगी बल्कि इन बाल गृह को चलाए जाने वाले की पृष्ठभूमि और बच्चों की हालत का जायजा लिया जाएगा l उन्होने देश भर में चल रहे ऐसे आश्रय गृह के केंद्रीयकरण पर जोर दिया ताकि समय समय पर जांच की जा सकें l


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