Thursday, September 18, 2025

केरल में ब्रेन ईटिंग अमीबा से 19 की मौत .... जाने क्या है ये बीमारी और कैसे बचा जा सकता है?


ब्रेन ईटिंग अमीबा एक दुर्लभ बीमारी है जो दूषित जल में नहाने से ही फैलती है, ये संक्रमण एक से दूसरे को नहीं होता। इसमें तीन महीने के शिशु से लेकर 91 साल के बुजुर्ग तक शामिल है। इसके लक्षण सरदर्द, बुखार, मितली आना है। यह संक्रमण नेग्लेरिया फाउलेरी के कारण होता है, जिसे आमतौर पर 'दिमाग खाने वाला अमीबा' कहा जाता है। इस वर्ष, केरल में इस दुर्लभ बीमारी के 61 मामले पुष्ट हो चुके हैं। इनमें 19 मरीजों की मौत हो चुकी है। यह एक दुर्लभ बीमारी है जो आमतौर पर अमीबा युक्त तालाब में नहाने वाले 26 लाख लोगों में से केवल एक को ही संक्रमित करती है।


संक्रमण कैसे फैलता है?
केरल सरकार के एक दस्तावेज़ के अनुसार, यह बीमारी केंद्रीय तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करती है। इसमें कहा गया है, “यह संक्रमण मस्तिष्क के ऊतकों को नष्ट कर देता है, जिससे ज़्यादातर मामलों में गंभीर मस्तिष्क सूजन होती है और मरीज की मौत हो जाती है। यह दुर्लभ बीमारी है और आमतौर पर स्वस्थ बच्चों, किशोरों और युवा वयस्कों को शिकार बनाता है।”

जिस तरह से ये संक्रमण फैल रहा है, उसके देखते हुए नदी, तालाब, पूल में नहाने से बचे और हां दूषित पानी पीने से ये रोग नहीं फैलता है क्योंकि अभी तक ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई है।

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