1️⃣ - क्या अब भी आपको यही लगता है कि , बलात्कार मात्र छोटे कपड़े , वासना , बदले की भावना से होते हैं ?
2️⃣ - क्या अब भी आपको यही लगता है कि एक महिला का बलात्कार मात्र उसकी आबरू का विषय है ? उसके आसपास कोई काॅबवेब नहीं है?
1️⃣ - क्या अब भी आपको यही लगता है कि , बलात्कार मात्र छोटे कपड़े , वासना , बदले की भावना से होते हैं ?
जवाब.... 1- सारे कारण है अलग अलग स्थिति में.. उदाहरण से समझते हैं दिल्ली की निर्भया का Rape वासना के साथ मानसिक विकृति थी, हाथरस की वज़ह दुश्मन दिख रही है, लोग कहते हैं कि छोटे कपड़े लेकिन छोटी कपड़े वालियाँ बहुत तेज होती और उन्हें छुना भी किसी के बस की बात नहीं है.. दिल्ली के माल, क्लब, जाती लड़कियां और फिल्म Actress छोटे कपड़े में विभिन्न मौके पर दिख जाएंगी लेकिन यही Actress जब ED के दफ्तर पूछताछ के लिए बुलायी गयी तो सूट में थी. तो ऐसे लोगों की फोटो देखकर आंख सेक कर दिमाग में नोचने के तरीके रखकर किसी लड़की का Rape किया जाता है. छोटे कपड़े से कहीं ज्यादा उत्तेजक चीजे वीडियो YouTube पर और अब Facebook के वीडियो Section में मिल जाएंगी.. जब Facebook के नयी सेटिंग तब अपने आप खुल जाती है जब आप अपनी या किसी और की वॉल पर जानकारी भरी वीडियो देख रहे होते. जैसे ही आपकी वीडियो खत्म होगी तो दूसरी नग्नता भरी वीडियो खुद ही स्टार्ट हो जाएगी. ऐसा एक बार मेरे साथ भी हुआ तो जो दूसरी वीडियो आयी थी उसमें दिखाया गया कि एक Plumber जब बुलाने पर घर जाता है तो पहले बेटी और फिर उसकी माँ बारी बारी से अलग अलग कमरे में ले जाकर सेक्स करती है और ऐसा करते हुए उनकी बहु देख लेती है तो फिर अगले दिन अपने bathroom को ठीक करने के बहाने वो भी बुला कर sex करने की planning करती है.. ये वही Facebook है जो कि आपराधिक और दर्द भरी वीडियो, फोटो को हिंसक दिखाकर पॉलिसी के तहत कवर करता है... तो फिर Rape करने के बहाने न खोज कर अपने गंदे दिमाग का इलाज कराना सीखे
2️⃣ - क्या अब भी आपको यही लगता है कि एक महिला का बलात्कार मात्र उसकी आबरू का विषय है ? उसके आसपास कोई काॅबवेब नहीं है?
जवाब.... 2-.. ये सही है ये Rape में इज्जत का concept पुरुष समाज द्वारा फैलाया गया जाल ही है ऐसा हमेशा बताया गया है कि एक लड़की और उसके पूरे परिवार, खासकर बड़े भाइयों की इज्जत केवल लड़की की योनि में ही है और वो योनि केवल पति के हाथ में हो तो इज्जत बनी रहती है.
ऐसा पुरुषों ने ही बनाया है लेकिन ये जिम्मा लड़की के हाथो में दिया गया है वो कैसे भी करें पर्दा करें, नकाब पहने, साड़ी लपेटे, सूट पहन ले खुद को घर में कैद रखे, आफिस में एकदम मुँह बनाकर रहे, किसी लड़के से हंसे बोले नहीं, लड़कों को दोस्त न बनाए, उनके साथ मूवी न देखे, रात को न जाए, लड़के से प्यार न करें.. इनमे से कुछ भी माहौल के हिसाब से पालन करके अपनी योनि सुरक्षित रखे क्यू कि बाप, भाई की इज्जत वही है.. लेकिन लड़कों को पूरा अधिकार है उन पर हमला कर Rape करने का.. लड़के का Rape करना, दस बीस लड़कियों के साथ Sex करना, दस बीस ल़डकियों को Girl फ्रेंड बना कर sex करना उनके दोस्तों के बीच गर्व का विषय होता है.. ये जाल ही बिछाया गया है मर्दों द्वारा.. क्यू कि अगर Sexual Part के साथ इज्जत जुड़ी होती तो लड़के का पेनिस भी इज्जत का विषय होना चाहिए था और अगर ये नियम बना दिया जाता तो लड़के अपने Sexual Part संभालते और लड़की अपना.. फिर Rape तो दूर असुरक्षित सेक्स, शादी से पहले सेक्स, शादी से पहले Pregnengy जैसी कोई भी समस्या होती ही नहीं और मार्केट में Unwanted Pill नहीं लाया जाता...
इससे इतना तो साफ हो गया कि ये सब पुरुषों द्वारा षडयंत्र स्वरुप रामायण, महाभारत काल से पहले ही ये सब गढ़ दिया गया था अलग अलग तरह के ग्रंथो, रचनाओं के माध्यम से सभी धर्मों में (केवल हिन्दू धर्म न समझे) धर्म के जानकार मेरी बात के हिसाब से बताये कि किस किताब में कहाँ कहाँ ऐसा वर्णन है और ध्यान दीजियेगा कि इसमे रचनाकार पुरुष ही होगा जो उस समय उस समाज उस धर्म में खूब पुज्य भी होगा.
लेकिन ऊपर लिखी गई बातों का ये मतलब नहीं है कि लड़की के इर्द-गिर्द Rape के साथ इज्जत न जोड़ा जाए तो उसे ज़बरदस्ती सेक्स, Rape पर तकलीफ नहीं होगी.. होगी और साथ ही इज्जत जाने की फिलिंग भी आएगी क्यू कि हम हमारे शरीर के मालिक होते हैं और हमारी मर्जी के खिलाफ कोई उसे छुए भी तो लंबे समय तक दर्द सताता है.. साथ ही आपके मन पर कोई चोट पहुचा दे तो लगता है कि हमारा मान सम्मान पर आंच आयी.. ये केवल लड़की के साथ नहीं है, पुरुष के साथ और यहां तक कि माननीय कोर्ट के साथ भी ऐसा एहसास जुड़ा हुआ है. सब को याद होगा कि सीनियर Advocate प्रशांत भूषण के ट्वीट भर से कोर्ट की प्रतिष्ठा को आंच पहुंचीं थी.. लड़कियों के साथ भी वही वाली इज्जत जुड़ी हुई है.. कोई उसकी योनि न भी छुएं , Rape न भी करें तब भी उसकी इज्जत जा सकती है..इज्जत तो लड़कों की भी जा सकती है मगर उनका माइंड सेट ऐसा बनाया नहीं गया.. उनके साथ अगर लड़की ज़बर्दस्ती सेक्स कर भी ले तो उन्हें शिकायत नहीं होगी (अपवाद छोड़कर) क्यू कि न तो उनका प्राइवेट पार्ट उनकी इज्जत है और दूसरा उनका माइंड सेट ये भी है कि सेक्स केवल मजे की चीज़ है जितना मिले, जिससे मिले सब लेते जाओ.. इन पुरुषों का माइंड सेट इतना हाई लेवल का है कि ये कहते हैं कि "मर्द कभी बुढ़ा नहीं होता" और जब कोई ये कहे तो जरा उनके Facial Expression रीड करिये.. उतरते चढ़ते भाव बता रहे होंगे कि बोलते वक्त सेक्स की कल्पना कर चुके है.. जो जरूर किसी वीडियो या Movie के सीन जैसा होगा. 50-60 साल में खुद को 16 साल सा गबरू जवान मानकर अपनी बेटी बराबर लड़कियों को Girl Friend बनने का ऑफर देते हैं, सेक्स के ख्वाब सजोते है... इसके दो कारण उनके पास होते हैं एक तो खुद को जवान मान रहे हैं, दूसरा इज्जत आने जाने का ठेका उनके पास है नहीं.. और अगर ऐसी बाते खुलती हैं तो वो खुद और पूरा मर्दों का समाज लड़की को रंडी, बदचलन बोलेगा,उक्त पुरुष पर सवाल नहीं उठेगा.
इतनी सारे जाल बिछाये जाने के बावजूद कानून ने लड़कियों की सुनी है और समाज के ये सारे षडयंत्र समझते हुए लड़की के हक में कानून बना दिए हैं... निर्भया केस के बाद बनी वर्मा कमेटी के सुझावों पर अमल करते हुए IPC में बदलाव करके उसी बहादुर बेटी को समर्पित करते हुए कानून बनाया गया है कि 20 Sec देखने भर को छेड़छाड़ और सेक्स की कोशिश में कोई Object Vagina को डालने भर को Rape मानकर Case दर्ज होगा..Rape तो काफी दूर की चीज़ हो गयी.. कानून के मजबूती का एहसास यूपी के हाथरस घटना से कर सकते हैं.. रिपोर्ट बदलने की कोशिश की गई, देर में मेडिकल कराया, ADG L & O खूब चिल्लाएं पागलों की तरह कि Rape नहीं हुआ है,लिखने वालों पर कार्रवाई करने की धमकी दी, खूब पुलिस के साथ गुंडों ने धमकी दी, बेटी का दाह संस्कार रात को आनन फानन में कर दिया कि दोबारा पोस्टमार्टम न हो...
फिर भी....
फिर भी...
ADG L & O से कोर्ट में पूछा गया कि आपको कैसे पता है कि Rape नहीं हुआ.. क्यू कि लड़की की मेडिकल रिपोर्ट में Veginal एंजरी लिखी है और लड़की का बयान के आधार पर Rape / Gang Rape मानकर ही सुनवाई होगी..
अब हाथरस केस में Rape की सुनवाई में खुद CM, PM भी नहीं रोक सकते हैं.. देखिए जरा कि एक बेटी की मृत आत्मा में कितनी शक्ति है कि इतने बड़े बड़े पिशाच पूरा सिस्टम खुद की तरफ करके भी कुछ न कर पाए..
बस यही जाल जो बुना हुआ है उसे तोड़ना है हमे.. बात करनी है इस पर.. बेटियों सहित बेटों से भी खुलकर चर्चा करनी है.. उन्हें साफ साफ बता देना है कि कुछ भी करने पर कानूनन सजा मिलेगी कोई भी नहीं बचा सकता है फिर.. ये तो कहानी उस बेटी की शक्ति की जो चली गई लेकिन जिंदा रही बेटियों को भी उनकी शक्ति का एहसास कराए.. उन्हें आत्मविश्वास दे, बोलना सिखाए
सवाल - Aryavrat Tripathi
जवाब - रीटाशर्मा