Saturday, May 21, 2016
सेल्फ डिफेन्स ट्रेनिंग
आज शक्तिस्वरूपा सेवा संस्थान द्वारा 15 दिनों का निशुल्क सेल्फ डिफेन्स ट्रेनिंग कैंप अलीगंज, सेक्टर सी का समापन हुआ। इसमें कराटे एंड कराटे अकादमी के ट्रेनर Mr शुभम ने बहुत मेहनत की बच्चों को सिखाने में। आज रखी गयी प्रतियोगिता में 6 बच्चों को बेस्ट परफॉरमेंस का सर्टिफिकेट दिया जायेगा-- आयुषी सोनकर,मुस्कान साहनी,रक्षा शुक्ला, सुनयना सिंह, अन्वेषा श्रीवास्तव, नंदिनी सिंह, राधा सिंह।
रीता शर्मा
डायरेक्टर ऑफ़ शक्तिस्वरूपा सेवा संस्थान, लखनऊ
पॉवर
जब किसी के पास पॉवर आ जाती है तो वो सुप्रीमो बनकर अपनी इच्छानुसार मनमानी करने लगता है, इसलिए हमारा समाज, देश विदेशों की तुलना में पिछड़ा हैं। जब तक ये मानसिकता नहीं बदलेगी तब तक हम विकासशील ही बने रहेंगे।
राजनितिक योग्यता
सभी सरकारी पदों के लिए होने वाली प्रतियोगिताओ की तरह राजनितिक पदों पर आवश्यक अहर्ताओ के साथ परीक्षा प्रणाली और कार्य अनुभव अनिवार्य करना चाहिए। इससे उन्हें अपने अधिकार, सीमा क्षेत्र और कार्य प्रणाली का पता चलेगा और सिस्टम दुरूस्त हो पायेगा।
रोड एक्सीडेंट
पता नहीं समाज किस दिशा में जा रहा हैं, हम जितना ही पढ़ते जा रहे हैं, उतने ही असभ्य और अमानवीय व्यवहार कर रहे हैं। कल दो रोड एक्सीडेंट देखे, मन बहुत व्यथित हुआ....।
एक बक्शी का तालाब, लखनऊ
काफी दूर थी कुछ कर नहीं पायी, एक बच्चा रोड क्रॉस कर रहा था, कार ने टक्कर मारी और भाग लिया और वहां मौजूद लोगो ने गाड़ी का no तक ना देखा, वरना कारवाही हो सकती हैं। हम अक्सर ये देखते हैं कि जब कोई रोड क्रॉस करता हैं तो ये गाड़ी वाले और स्पीड बड़ा लेते हैं, जबकि यातायात नियम कुछ और कहते हैं, अब ज़ेब्रा क्रासिंग हर जगह है नहीं और जहाँ है वह पालन नहीं करते। पता नहीं वो बच्चा कैसा होगा? बेहद अमानवीय
और शाम को एक गाड़ी ने एक कुत्ते के बच्चे पर गाड़ी चढ़ा दी उसे भी बहुत चोट आई, वही बात रुकना नहीं चाहते। और फिर एक ऑटो ने एक और टक्कर दी, रुकना नहीं था। कुछ रोड पर रहने वाले लोगों उस puppy को उठाया और रोड के किनारे किया। भागने की दौड़ में शामिल हैं हम।
ऐसे लोगों पर सख्त कारवाही होनी चाहिए, आये दिन ऐसा होता रहता हैं, जब किसी बड़े के साथ हादसा होता हैं तो न्यूज़ कवरिंग। आम जन की तो कही गिनती ही नहीं होती।अक्क्जडेन्ट
सम्मान
कल से लोग पोस्ट पर पोस्ट कर रहे हैं कि एक दलित की बेटी ने आईएस टॉप किया। ये क्या है? निंदनीय आईएस बनने पर दलित कैसे?? एक राजपूत की बेटी एसएसपी बनी और .....। ये सब बंद करे, देश की बेटी ने टॉप किया हैं और देश की बेटी एसएसपी बनी हैं। जातिवाद फैलाना बंद करे और प्रतिभा का सम्मान करें।
न्याय
न्याय प्रक्रिया को इतना जटिल, पेचीदा और लंबी व्यवस्था बना दिया हैं कि आम जन जो कम पढे लिखे या अशिक्षित हैं, उनकी समझ और पहुच से दूर हैं। अब ये भी बड़े लोगों को दी गयी सुविधा में शामिल हो गयी हैं।
इंतज़ार
यूँ इंतज़ार की घड़िया पल पल कर बढ़ती जा रही हैं, इन्तज़ार का बढ़ना उनके ठीक होने की चिंता में बदल जाता है। हर आहट पर द्वार को तकती हूँ कि शायद वो आ रहे हैं।
सुकुन
मीलो चलते चलते थक चुके है हम,
मिल जाये कोई घने पेड़ की छाया।
शीतलता और सुकुन का अहसास,
कुछ एक पल सुकुन की नींद।
लेकिन कहाँ मिलेगा ये सुकुन,
जंगलों और पेड़ो को काट चुके है खुद ही हम।।
जख़्म
तूने जख्मों को कुरेदा कुछ इस तरह,
कि मरहम लगाने की मुद्दतों की कोशिश बेकार हो गयी,कहाँ जाऊ अपने इन फिर से ताज़ा हुए घाव के साथ, खुद को छुपाने का कोई ठौर ठिकाना ना रहा।।
आगमन
तेरे आने के बाद कुछ हसरतें जवां होने लगी, सपनों ने भी ले ली हैं नयी उड़ान।
अहसास भी कुछ यूँ होने लगा कि बरसो पुरानी चीज़ कुछ नयी नयी नज़र आने लगी।।
रिश्ते
कह कर बातों से मुकर जाना, यही दुनिया का दस्तूर रहा हैं, कोई भी वफायें, दिल्लगी रोक ना पायी, इस दस्तूर का निभाने में।
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