पता नहीं समाज किस दिशा में जा रहा हैं, हम जितना ही पढ़ते जा रहे हैं, उतने ही असभ्य और अमानवीय व्यवहार कर रहे हैं। कल दो रोड एक्सीडेंट देखे, मन बहुत व्यथित हुआ....।
एक बक्शी का तालाब, लखनऊ
काफी दूर थी कुछ कर नहीं पायी, एक बच्चा रोड क्रॉस कर रहा था, कार ने टक्कर मारी और भाग लिया और वहां मौजूद लोगो ने गाड़ी का no तक ना देखा, वरना कारवाही हो सकती हैं। हम अक्सर ये देखते हैं कि जब कोई रोड क्रॉस करता हैं तो ये गाड़ी वाले और स्पीड बड़ा लेते हैं, जबकि यातायात नियम कुछ और कहते हैं, अब ज़ेब्रा क्रासिंग हर जगह है नहीं और जहाँ है वह पालन नहीं करते। पता नहीं वो बच्चा कैसा होगा? बेहद अमानवीय
और शाम को एक गाड़ी ने एक कुत्ते के बच्चे पर गाड़ी चढ़ा दी उसे भी बहुत चोट आई, वही बात रुकना नहीं चाहते। और फिर एक ऑटो ने एक और टक्कर दी, रुकना नहीं था। कुछ रोड पर रहने वाले लोगों उस puppy को उठाया और रोड के किनारे किया। भागने की दौड़ में शामिल हैं हम।
ऐसे लोगों पर सख्त कारवाही होनी चाहिए, आये दिन ऐसा होता रहता हैं, जब किसी बड़े के साथ हादसा होता हैं तो न्यूज़ कवरिंग। आम जन की तो कही गिनती ही नहीं होती।अक्क्जडेन्ट
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