जा रहा हूं मैं अल्लाह के पास,
सुनो पहुंचते ही बताऊँगा..
उनके ही स्वरुप को भी न छोड़ा,
उड़ा दिया तुमने बम से
हर तरफ बस खून ही खून था,
ये कैसा नशा था सत्ता, दंभ का
आने वाली नस्ल ही लग गए मिटाने पर,
क्या था क़ुसूर हम बच्चों का..?
ये कैसा नशा चढ़ा है हुकुमतों को,
खत्म करके पूरी नस्लें, क्या लाशों के ढेर पर हुकुमतें चलाएंगे?
अब तो हिसाब ये अल्लाह करेगा.. इस दुनिया में इंसान रहेगा या शैतान..... ll
रीटा शर्मा
(सीरिया बम हमले में ज़ख्मी बच्चे ने अंतिम समय में कहा "भगवान से तुम सबकी शिकायत करूंगा")

