शक्तिस्वरूपा सिलाई केंद्र में बात करने से पता चला कि इन बच्चियों के भी बहुत सपनों हैं, बहुत सारी डिमांड की हैं सबने, देखते हैं कितनी पूरी कर पाते हैं, लेकिन परिवार और समाज की बेढ़ियाँ अभी भी जबर्दश्त तरीके से बंधी हैं, हमने घर घर जाकर बोला है तो लड़कियां आना शुरू हुई हैं, बहुत जरुरी हैं इनको समाज की मुख्य धारा से जौड़ना और आश्चर्य की बात ये हैं कि अभी भी कुछ लोग अशिक्षित हैं, जबकि गांव में ही 8th तक सरकारी स्कूल है जहा सारी सुविधाएँ हैं, और मिड डे मील भी अच्छे से बनता हैं, स्कूल में खूब साफ सफाई है, खेलने के लिए प्ले ग्राउंड हैं। हमने उन अशक्षित बच्चों के लिए एक "अनोखी पाठशाला" सोची है, जल्द ही शुरू करेंगे। हमने आज इन्हें कानून, पुलिस 100, और 1090 की जानकारी दी, जो किसी को पता तक ना थी और सरकारी योजनाओं के बारे में भी बात की।
रीता शर्मा
शक्तिस्वरूपा सेवा संस्थान
सरैया, रामपुर बक्शी का तालाब, लखनऊ
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