Friday, April 1, 2016

कानून में बदलाव

जयपुर में 12 साल की बच्ची के साथ अन्नाय में सहभागी बन रही हैं, पुलिस पर पत्रकार संघ, समाज सेवक और सोशल मीडिया के दवाब के चलते दोषी ACP को suspend करके नया अधिकारी लाया गया है और फिर से जाँच चल रही हैं और उचित कार्यवाही का आश्वासन दिया गया हैं। मगर ये क्या ये नैतिक रूप से गलत नहीं है कि बच्ची फिर से सवालों का जवाब दे, ये मानसिक पीड़ा देना नाबालिग बच्ची को, क्या कानून इज़ाज़त देता है? अगर देता है तो बदले ऐसा कानून, दोषी कोई और, पेशी बार बार भुक्तभोगी की।

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