Saturday, January 11, 2025

पीढ़ियों के नामकरण का खेल

 जनरेशन बीटा (Gen Beta)

एक जनवरी 2025 से पैदा हुए बच्चे जनरेशन बीटा में गिना जाएगा। भारत में पहला जनरेशन बीटा बच्ची का जन्म मिजोरम में रात 12:03 पर हुआ , जिसका नाम फ्रैंकी रखा गया। 
समाजविज्ञानियों के मुताबिक, आम तौर पर एक पीढ़ी 15 से 20 साल की होती है । पीढ़ियों का नामकरण उस दौर की सांस्कृतिक, आर्थिक, और तकनीकी घटनाओं के आधार पर होता है। समाजविज्ञानियों के मुताबिक, आम तौर पर एक पीढ़ी 15 से 20 साल की होती है. Gen Beta 2025 से 2039 के बीच जन्म लेने वाली पीढ़ी है। ये पीढ़ी Covid –19 युग के बाद जन्म लेने वाली पीढ़ी है जो पूरी तरह तकनीकी ज्ञान और AI पर निर्भर रहने वाली हैं। इस युग में शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, मनोरंजन, दैनिक कार्य सभी रोबोटिक या AI से ही संचलित होंगे। 


जनरेशन अल्फा (Gen Alpha)
2010 से 2024 के बीच पैदा हुई पीढ़ी, जो 21वीं सदी में पूरी तरह जन्मी पहली पीढ़ी है, जनरेशन अल्फा के नाम से जानी जाती हैं। यह पीढ़ी अधिक तकनीकी-कुशल, अनुकूलनशील, और उद्यमशील है। जनरेशन अल्फा ने COVID-19 महामारी का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष प्रभाव देखा है।
स्कूल बंद होने, ऑनलाइन शिक्षा, और सामाजिक दूरी जैसे अनुभव इस पीढ़ी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये पहली पीढ़ी हैं जिसके सामने ऑनलाइन शिक्षा, वर्क फ्राम होम, होम डिलीवरी जैसे टर्म वास्तविक रुप में लाभप्रद दिखे। Covid के बाद से ये पीढ़ी पर्यावरण, डाटा प्राइवेसी,निजता ,AI के बढ़ते हुए  प्रभाव देखकर चिंतित होती दिख रही हैं।


जनरेशन Z ( Zen Z)
इस पीढ़ी के जन्म वर्ष 1995 से 2009 के बीच माने जाते हैं। Merriam-Webster ऑनलाइन डिक्शनरी के अनुसार, यह पीढ़ी 1990 के अंत और 2000 के शुरुआती वर्षों में पैदा हुई है।
यह पहली पीढ़ी है जो इंटरनेट के साथ बड़ी हुई है और अक्सर इन्हें "डिजिटल नेटिव्स" कहा जाता है। ये पीढ़ी तकनीकी के समीप ही काम करती हैं, अपने पर्यावरण के प्रति जागरूक है, राजनीतिक चेतना है इनमे । Covid –19 ने इस युग के शारीरिक मानसिक चेतना पर गहरा प्रभाव डाला।


 मिलेनियल्स पीढ़ी ( Gen Y)
ये पीढ़ी 1980 से 1994 के बीच की हैं। जिसने अपने सामने डिजिटल युग का आगमन देखा। प्रदूषण, बदलता मौसम, कोरोना महामारी और उससे हुई अनगिनत मौतों को महसूस किया हैं।

पीढ़ी X ( Gen X)
ये पीढ़ी 1965 से 1979 के बीच की पीढ़ी है जबकि तकनीकी की बातें की जाती थी। यातायात, व्यापार सहित तकनीकी इतनी विकसित नहीं थी।

साइलेंट जनरेशन ( Silent Gen) 1928 से 1964 तक की पीढ़ी इसमें आती है। 1946 से 1964 तक की पीढ़ी सेकंड वर्ल्ड वार की पीढ़ी कहते है। क्यों कि इन्होंने युद्ध की भयानकता को देखा और महसूस किया।


लेखक रीता शर्मा
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