HMPV वायरस और इससे बचाव
आज से पांच साल पहली कोविड महामारी की शुरुआत चीन से हुई थी और ठीक पांच साल बाद एक बार फिर उतरी चीन में नया वायरस HMPV यानि ह्यूमन मेटा न्यूमो वायरस के संक्रमण फैलने की शुरुआत हो चुकी है और इसके लक्षण भी कोविड की तरह ही सर्दी, जुकाम, खांसी ही हैं। X पर कई मीडिया हैंडल इसकी भयावहता और तेजी से फैलने की बात लिख रहे हैं जबकि चीन के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसकी पुष्टि नहीं की हैं।
वहीं भारत के परिवार कल्याण मंत्रालय ने डीजीएचएस की अध्यक्षता में संयुक्त निगरानी समूह की बैठक बुलाई और इसके उपायों पर चर्चा की, हालांकि सर्दियों में फ्लू और खांसी एक मौसम जनित बीमारी है फिर भी विश्व स्वास्थ्य संगठन से इस पर डाटा शेयर करने का अनुरोध भी किया हैं। अभी तक कोविड फैलने की वजह नहीं पता चली है और फिर से सांस और निमोनिया जैसे लक्षणों वाली बीमारी की शुरुआत हो चुकी हैं, हालांकि आश्वस्त किया जा रहा हैं कि ये भयावह नहीं है और सर्दी जनित ही निमोनिया और श्वास संबंधी बीमारी ही हैं और स्थिति चिंताजनक नहीं हैं। भारत के गुजरात और कर्नाटक में इस HMPV के केस आ गए हैं। पहला केस नवंबर महीने में एक छह महीने के बच्चे का था जिसे हफ्ते भर में छुट्टी दे दी गई थी और अब बंगलुरु में तीन और आठ महीने के दो बच्चे संक्रमित मिले हैं। ये HMPV वायरस बच्चों ओर बुजुर्गों को चपेट में ले सकता हैं और Covid की ही तरह खांसने, छींकने और संक्रमित व्यक्ति के सम्पर्क में आने से हो रहा हैं।
गुजरात स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को हेल्थ एडवाइजरी जारी की है. विभाग ने वायरस की गंभीरता को देखते हुए लोगों को सलाह दी है कि यदि आप खांसते या छींकते हैं तो अपने मुंह और नाक को रुमाल से ढके रहें. बीमार हैं तो सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें और सांस संबंधी समस्या होने पर तुरंत डॉक्टरों को दिखाएं.
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने स्वास्थ्य और एफई विभाग को दिल्ली में पूरी व्यवस्था करने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की सलाह के अनुसार सभी अस्पतालों को श्वसन संबंधी बीमारी में किसी भी संभावित वृद्धि से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहना चाहिए. साथ ही स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग को राजधानी में तैयारियों के बारे में समय पर अपडेट हासिल करने के लिए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के संपर्क में रहना चाहिए. एक बयान के अनुसार, महानिदेशक (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. वंदना बग्गा ने दिल्ली में सांस संबंधी बीमारियों से निपटने की तैयारियों पर चर्चा करने के लिए मुख्य जिला चिकित्सा अधिकारियों और आईडीएसपी के राज्य कार्यक्रम अधिकारी के साथ बैठक की. सिफारिशों के तहत अस्पतालों को निर्देश दिया गया है कि वे इन्फ्लूएंजा जैसी बीमारी (आईएलआई) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण (एसएआरआई) के मामलों की सूचना तुरंत आईएचआईपी पोर्टल के माध्यम से दें. संदिग्ध मामलों के संबंध में सख्त क्वारंटाइन नियम लागू करना और उचित सावधानियां बरतना अनिवार्य कर दिया गया है.
कैसे बचे?
एचएमपीवी वायरस से छोटे बच्चे, वृद्ध और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग इससे ज्यादा प्रभावित होते हैं. अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) के अनुसार, एचएमपीवी से जुड़े सामान्य लक्षणों में खांसी, बुखार, नाक बंद होना और सांस लेने में तकलीफ शामिल हैं. सीसीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, बीजिंग यूआन अस्पताल, कैपिटल मेडिकल यूनिवर्सिटी के श्वसन और संक्रामक रोग विभाग के मुख्य चिकित्सक ली तोंगजेंग ने कहा कि एचएमपीवी दो लोगों के बीच श्वसन प्रणाली के माध्यम से फैल सकता है, और लोगों के बीच संपर्क जैसे कि हाथ मिलाना, या वायरस से दूषित किसी वस्तु को छूना आदि से फैल सकता है। इस वायरस से बचाव के लिए जरूरी है कि मास्क पहने, बार-बार हाथ धोएं और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाएं. विशेषज्ञ एचएमपीवी के लिए एंटीवायरल का उपयोग करने से भी मना कर रहे हैं. हाल ही में राज्य समर्थित नेशनल बिजनेस डेली के साथ एक साक्षात्कार में, शंघाई के एक अस्पताल के श्वसन विशेषज्ञ ने लोगों को मानव मेटान्यूमोवायरस से लड़ने के लिए एंटीवायरल दवाओं का आंख बंद कर उपयोग करने के खिलाफ चेतावनी दी. फिलहाल इसका कोई टीका नहीं है, लेकिन इसके लक्षण सर्दी-जुकाम जैसे होते हैं. 2023 में नीदरलैंड, ब्रिटेन, फिनलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, अमेरिका और चीन में एचएमपीवी का पता चला था.
Writer Rita Sharma
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