Thursday, September 6, 2018

समलैंगिकता अब अपराध नहीं - सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने आज ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए धारा 377 को गैरकानूनी करार दिया है। इसके बाद अब समलैंगिकता अपराध नहीं रहेगा। इसके बाद से ही देश भर में ही एलजीबीटी कम्यूनिटी इसका जश्न मना रही है।

आइए जानते हैं कि और किन किन देशों में ये कानूनी तौर पर मान्य है - -

वर्ष 2000 में नीदरलैंड्स दुनिया का पहला ऐसा देश बना था जहां पर सेम सेक्‍स के कपल्‍स को शादी करने, तलाक लेने और बच्‍चों को गोद लेने कानूनी वैधता हासिल हैं l नीदरलैंड्स में 82 प्रतिशत लोग गे मैरिज का समर्थन करते हैं और किसी भी यूरोपियन यूनियन के देश में यह सर्वोच्‍च स्‍तर है।

बेल्जियम में संसद ने जब गे मैरिज को कानूनी जामा पहनाया तो काफी विरोध हुआ। ग्‍लोबल कैंपेन के बाद भी आज तक यहां पर इसे कानूनी मान्‍यता मिली हुई है।

अमेरिका के सिर्फ 14 राज्‍यों में सेम सेक्‍स या गे सेक्‍स मैरिज को कानूनी वैधता मिली हुई है।


साउथ अफ्रीका की कोर्ट ने वर्ष 2005 में एक आदेश पारित किया जिसके तहत उसने गे मैरिज को रोकना या फिर इसका विरोध करने को देश के संविधान के खिलाफ बताया गया। इसके अगले साल संसद की ओर से इस कानून को पास कर दिया गया और इस तरह से यहां पर गे या सेम सेक्‍स मैरिज कानून के तहत आ गई।

कनाडा में दो वर्ष तक चले विरोध प्रदर्शनों के बाद गे मैरिज को वैधता हासिल हुई।

आइसलैंड की 49 सदस्‍यों वाली संसद ने वर्ष 2010 में इसे कानून की मान्‍यता दी थी। इस कानून के पास होने के बाद आईसलैंड की प्रधानमंत्री जोहाना सिगुरदारडोट्टीर से शादी कर ली थी।

वर्ष 2009 में नॉर्वे की सरकार ने सेम सेक्‍स मैरिज को कानूनी वैधता दी थी। इसी वर्ष नॉर्वे की ही तरह स्‍वीडन में भी वर्ष 2009 में संसद की ओर से गे कपल्‍स को पूरी तरह से शादी करने का अधिकार दिया था। स्‍वीडन की संसद में बड़े बहुमत के साथ इस कानून को पास किया गया था।


पुर्तगाल की रुढ़‍िवादी विचारधारा वाली राष्‍ट्रपति अनीबाल कावाको सिल्‍वा ने देश के पहले गे मैरिज पर दस्‍तख्‍त किए और साथ ही देश की सर्वोच्‍च अदालत से इस बिल का रिव्‍यू करने को कहा था। वर्ष 2010 में पुर्तगाल में सेम सेक्‍स मैरिज कानून पास हो गया। हालांकि यहां पर अभी बच्‍चों को गोद लेने की मंजूरी नहीं है।


अर्जेंटीना दुनिया का पहला लैटिन अमेरिकी देश बना जिसने गे मैरिस को कानूनी मान्यता दी थी। इस बिल को उस समय पोप फ्रांसिस ने भगवान की योजनाओं का खात्‍मा करने वाला बताया था।


फ्रांस की राष्‍ट्रीय संसद ने हजारों विरोध प्रदर्शनकारियों के बीच वर्ष 2013 में इस कानून को पास किया था। 29 मई 2013 को फ्रांस में पहली गे मैरिज हुई थी। फ्रांस में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों ने सरकार को हिलाकर रख दिया था। इसके बाद इसी वर्ष ब्राजील की नेशनल काउंसिल ऑफ जस्टिस ने देश में सेम सेक्‍स मैरिज को कानूनी दर्जा दिया था।


डेनमार्क ने 80 के दशक में नागरिक संगठनों में सेम सेक्‍स पार्टनर्स को मंजूरी देकर दुनिया में एक नया इतिहास रचा था। इसके बाद वर्ष 2012 में यहां पर सेम सेक्‍स मैरिज को पूरी तरह से कानूनी वैधता दी गई। यहां पर सेम सेक्‍स कपल्‍स चर्च में शादी कर सकते हैं और बच्‍चों को गोद ले सकते हैं।

29 मार्च 2014 को यूनाइटेड किंगड में सेम सेक्‍स मैरिज को कानूनी दर्जा मिला था।


साभार - - इंटरनेट 

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