हम दुर्गा हैं, हम काली हैं,
हम झांसी की रानी और रजिया सुल्ताना हैं।
किस से डरना, जिसे जन्म हमने दिया,
वो हम पर ही अत्याचार करे।
ना ना ये ना होगा, क्या नारी तूने कोई अपराध किया।
क्यों सुनती हैं, क्यों सहती हैं
खुद की तू पहचान कर,
हक़ से जीने का अधिकार मांग।।
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