बेहद ही भीड़भाड़ वाले जगह से होकर निकल रही थी, रिक्शा पर थी। ट्रैफ़िक ज़ाम था, रिक्शा वाला निकलने की पूरी कोशिश मे था, तभी एक कार वाले भाई साहेब जोर जोर से हॉर्न देने लगे, जबकि आगे जाने की जगह नहीं थी, मुझे और उन्हें दोनों को दिख रहा था। मैं पीछे को पलटे तो देखा भाई साहेब बहुत गुस्से में हॉर्न दिए जा रहे थे और साथ ही लिप्सिंग कर रहे थे.. बेवकूफ बेवकूफ। क्योंकि उन्हें वही पार्क करनी थी जहा रिक्शा वाला खड़ा था। अरे भाई जगह खाली होगी तब न आगे जायेगा ये रोब कहे का......
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