Wednesday, December 22, 2021

नारीवाद का वास्तविक अर्थ

नारीवाद/फेमिनिस्ट का मतलब इस घोर पुरुषवादी समाज में स्त्रियों की सत्ता स्थापित करनी है संघर्ष करके, धोखे, कपट से पुरूषों पर जीत हासिल करने और उन्हें दबाने के लिए गाली गलौज करना फेमिनिज्म नही हैं बल्कि उसकी अपराध में गिनती की जाएगी .

आप स्त्री हैं और जिस भी क्षेत्र में है राजनीतिक, सामाजिक ,आर्थिक, सांस्कृतिक ,वहाँ पुरुषों के बराबर से ससम्मान पैठ बनाना ही स्त्रीवाद कहलायेगा और आप स्त्रीवादी.. सोनिया गाँधी की अपेक्षा मायावती को फेमिनिस्ट कहना बेहतर होगा क्यों कि उत्तर प्रदेश जैसे जगह पर खुद को बतौर मुख्यमंत्री स्थापित करना और बेहतर शासन देना किसी पुरुष नेता के भी बस से भी बाहर होता है जो मायावती ने कर दिखाया था ( अब फायदे के विरोधी पार्टियों से जोड़ तोड़ कर रही हैं उद्देश्य भूलकर)
 
एक स्त्री जो मजबूत कहे जाने वाले पुरूष को जन्म देती हैं तो कमजोर तो कहीं से भी नहीं हुई मगर समाज में प्रभुत्व जमाने के लिए उसे शुरू से कमजोर और असहाय बनाने का षड्यंत्र रहा और उसे रोकने के लिए धर्म रुपी बेड़ियाँ पहना दी गई... बस स्त्रियों की अपनी सुषुप्त ताकत को पहचानने और स्थापित करने की जरूरत है छल कपट से दूर ईमानदारी के साथ...

वैसे भी स्त्री और पुरुष एक दूसरे के पूरक हैं और जब तक समानता आयेगी नहीं बेहतर समाज बन भी नहीं सकता.....

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