Saturday, January 18, 2020

यूपी में कमिश्नरी व्यवस्था लागू करने के व्यापक मायने

http://marginalised.in/2020/01/17/commissionary-system-to-be-implemented-in-up-and-its-meaning/



Breaking Story: 
 Marginalised

Articles Opinion 
यूपी में कमिश्नरी व्यवस्था लागू करने के व्यापक मायने…

 January 17, 2020 Marginalised Writer 0 Comments Commissionary system in UP, UP police
Rita Sharma*

यू पी में बिगड़ती हुई कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कमिश्नर सिस्टम को लागू करने के लिए सिफारिश की जाती रही है l इसके पीछे की वजह ये बतायी जाती है कि पुलिस और जिला प्रशासन के बीच सही तालमेल नहीं बन पाता है l
भारतीय पुलिस अधिनियम 1861 के भाग 4 के तहत जिला अधिकारी (DM) के पास पुलिस को नियंत्रण करने के कुछ अधिकार होते हैं l CRPC ( दंड प्रक्रिया संहिता), Executive Magistrate को कानून और व्यवस्था को नियंत्रित करने की शक्तियां प्रदान करता है l आसान शब्दों में कहा जाए तो
पुलिस अधिकारी के पास लाठी चार्ज, फायरिंग, धारा 144 लगाने जैसे अधिकार नहीं थे, इसके लिए उन्हें DM या मंडल कमिश्नर या शासन के आदेश के तहत काम करना होता था l
सूत्रों के मुताबिक जवाहरबाग कांड, मुजफ्फनगर सहित सहारनपुर में हुई जातीय हिंसा से संबंधित रिपोर्ट पाया गया कि जिला प्रशासन और पुलिस के बीच तालमेल ठीक नहीं थे। लेकिन अगर कमिश्नर सिस्टम लागू हो जाता है, तो पुलिस को जिला प्रशासन से संबंधित मामले में एक्शन लेने के लिए प्रशासन के आदेश मिलने की बाध्यता से मुक्त हो जाएगी। जबकि इसे यूपी में CAA के व्यापक विरोध और उसमें हुई हिंसा और पुलिस द्वारा बल प्रयोग से भी जोड़ कर देखा जा रहा है l
यू पी DGP ओ पी सिंह का कहना है कि अब जनता पुलिस से तुरंत जवाबदेही चाहती है और कई बार तुरंत एक्शन जरूरी होता है जो कि शासन से मिलने पर देरी के चलते गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं l
नयी कमिश्नर प्रणाली 10 लाख से ज्यादा की आबादी वाले शहरों में होती है तो वही यू पी की आबादी 20 करोड़ से भी ज्यादा है l अभी लखनऊ और गौतम बुद्ध नगर ( नोएडा) में ही इसकी शुरुआत की गई है l
इस कमिश्नरी व्यवस्था आने के बाद पुलिस के पास CRPC के तहत लाठी चार्ज, फायरिंग, धारा 144 लगाने जैसे अधिकार आ जाते हैं l पुलिस को होटल, रेस्त्रां और आर्म्स लाइसेंस जारी करने का अधिकार मिल जाता है l आरोपी पर जुर्माना लगाकर जेल भेजने, राष्ट्रीय सुरक्षा कानून, नारकोटिक्स, एक्साइज से जुड़ी पावर भी पुलिस कमिश्नर के पास आ जाती है l

कौन कौन से पद होंगे कमिश्नरी प्रणाली में?

 इस नयी व्यवस्था के तहत पुलिस कमिश्नर, संयुक्त आयुक्त (ज्वाइंट कमिश्नर JP), डिप्टी कमिश्नर (DCP), सहायक आयुक्त (ACP), पुलिस इंस्पेक्टर (PI), सब इंस्पेक्टर (SI) और पुलिस दल होगा l
इस व्यवस्था में एक महिला SP होंगी l महिला SP खास तौर से महिला सुरक्षा के लिए तैनात होंगी l
पुलिस कमिश्नर शहर में उपलब्ध स्टाफ का उपयोग अपराधों को सुलझाने, कानून व्यवस्था की बहाली, अपराध की रोकथाम और ट्रैफिक सुरक्षा के लिए करेगा l
इस कमिश्नरी व्यवस्था की खासियत त्वरित कार्रवाई और गुणवत्ता पूर्ण जांच और संवेदनशीलता के साथ निपटने में हैं l
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई सहित कई राज्यों में पहले से ही ये व्यवस्था लागू हैं l इस व्यवस्था के तहत जहां एक तरफ पुलिस प्रशासन को अधिकारों से लैस कर दिया गया है वही उन पर जवाबदेही भी तय की गई है l अब देखने वाली बात ये है कि पुलिस इस कमिश्नरी व्यवस्था के तहत कानून व्यवस्था बहाल करती है और जनता के प्रति संवेदनशील रहती है कि नहीं क्यूकि यू पी पुलिस दमन के लिए ज्यादा पहचान बनाती है चाहे वो सेंगर का केस हो या चिन्मयानन्द..प्रेशर के चलते कारवाई न कर पाने की वजह खत्म होने के बाद पुलिस वाकई दबंगों पर सक्रिय होती हैं ये देखने वाली बात है l
*Rita Sharma is Lucknow based social activist.


Published in marginalised.in 

No comments:

Post a Comment