Tuesday, March 17, 2020

आखिर क्यों बना सरोगेसी का कानून, जानें अहम बातें

आखिर क्यों बना सरोगेसी का कानून, जानें अहम बातें

जापान के कपल का केस था जिसमें वो सरोगेट करने के लिए भारत आए और यहां की एक महिला की कोख को किराये पर लिया लेकिन बच्चे के जन्म के एक महीने पहले ही इस कपल का ब्रेक अप हो गया.

Reeta | February 29, 2020

सरोगेसी उस अरेंजमेंट को कहा जाता है जिसमें कोई भी शादीशुदा कपल बच्चे पैदा करने के लिए किसी महिला की कोख किराए पर लेता है. इसकी कई वजहें हो सकती हैं. जैसे कि अगर कपल बच्चे पैदा करने में अक्षम है, या फिर महिला को जान का खतरा हो बच्चे पैदा करने में. जो औरत अपनी कोख में दूसरों का बच्चा पालती, वो सरोगेट मदर कहलाती है.

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क्यों बना आखिर कानून?

साल 2008 में सुप्रीम कोर्ट के पास एक मामला आया बेबी मांजी यामादा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया. ये जापान के कपल का केस था जिसमें वो सरोगेट करने के लिए भारत आए और यहां की एक महिला की कोख को किराये पर लिया लेकिन बच्चे के जन्म के एक महीने पहले ही इस कपल का ब्रेक अप हो गया. अब बच्चे का पिता बच्चे को अपने साथ जापान ले जाना चाहता था मगर न तो भारत और न ही जापान की तरफ से उसको इजाजत मिल रही थी. सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद बच्चे को उसकी दादी को सौंपा गया और साथ ही सरोगेट को लेकर एक बहस छिड़ गई. 2009 में लाॅ कमीशन ऑफ इंडिया ने पाया कि भारत में सरोगेसी की सुविधा का विदेशी लाभ उठा रहे हैं तो इसे बंद करने की सलाह दी गई.


लोकसभा ने 19 दिसम्बर 2018 को “सरोगेसी रेग्युलेशन बिल 2016” पास कर दिया. इस कानून के कुछ अहम बिंदु है – –

1- कमर्शियल सरोगेसी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है. अब केवल परिवार के सदस्यों या करीबियों में ही कोई सरोगेट बन सकेगी और वो भी NRI या फाॅरेनर नहीं होनी चाहिए, इसके लिए पैसे की लेन देन नहीं होगी. प्रेग्नेंसी के समय खाने पीने और दवा के लिए जरूरत के पैसे ही दिए जा सकते हैं ताकि बच्चे की बेहतर देखभाल हो सकें.

2- सरोगेट माँ की उम्र 25-35 साल के बीच ही हो सकती है. वो खुद भी शादी शुदा होनी चाहिए और कम से कम एक बच्चा उसका अपना हो.

3- शादी शुदा दंपति को ही सरोगेसी की सुविधा मिलेगी और उनकी शादी के भी कम से कम पांच साल पूरे होने चाहिए.

लिव इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल, सिंगल या समलैंगिक को सरोगेसी करने की इजाजत नहीं है.

4 – इस नियम को तोड़ने पर 5 से 10 साल तक की सज़ा का प्रावधान है. सारे रिकार्ड क्लिनिक को भी 25 साल तक रखने होंगे.

फिल्मी दुनिया में सरोगेसी का एक ट्रेंड ही बन चुका था..


इस नियम के लागू होने से पहले ही करण जौहर सरोगेसी से तीन बच्चों के पिता बन चुके हैं.. जबकि वो शादी शुदा नहीं है.. उन्हें समलैंगिक माना जाता है जबकि उन्होंने कभी ये बात स्वीकार नहीं की है. इसके अलावा तुषार कपूर, शाहरुख खान, आमिर खान आदि भी पहले ही सरोगेसी से बच्चों का जन्म करा चुके हैं लेकिन कानून के आने के अब नियम शर्तों का पालन करना जरूरी हो गया है.

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